2 जनवरी 2023 - 18:46
शहीद जनरल क़ासिम सुलेमानी ने फ़िलिस्तीन की मज़लूम जनता के लिए संघर्ष कियाः सालेह अलमोइद

फिलिस्तीनी उलमा काउंसिल के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा है कि शहीद जनरल क़ासिम सुलेमानी ने फ़िलिस्तीन के मुद्दे को नई पीढ़ियों के ज़मीर और दिमाग़ में ज़िंदा रखने के लिए संघर्ष किया।

समाचार एजेंसी इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को, उलमा सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष और फ़िलिस्तीनी उलमा परिषद के आधिकारिक प्रवक्ता शेख़ मोहम्मद सालेह अलमोइद ने शहीद जनरल क़ासिम सुलेमानी और शहीद मेहदी अलमोहन्दिस की शहादत की बरसी के मौक़े पर अपने एक बयान में कहा है कि नाबलस और जेनिन में "अरिनुल ओसूद" जैसे सक्रिय संगठन और इसी तरह वेस्ट बैंक के सभी शहरों, गांवों, पूरे फ़िलिस्तीन और ग़ाज़ा के नायक और सभी प्रतिरोधक दल के जियाले आज गर्व से खड़े हैं और ज़ायोनी शासन को चुनौती दे रहे हैं। अलमोइद ने कहा कि फ़िलिस्तीनी उलमा काउंसिल उन सभी का धन्यवाद करती है जो प्रतिरोध के साथ हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे, विशेष रूप से महान कमांडर शहीद जनरल क़ासिम सुलेमानी, जिन्होंने फ़िलिस्तीनियों का हमेशा समर्थन किया।  फ़िलिस्तीनी उलमा परिषद के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि जुलाई 2006 के युद्ध के दौरान शहीद क़ासिम सुलेमानी ने मैदाने जंग में रहकर निर्णायक भूमिका निभाई थी, हम जितना भी उनका धन्यवाद करें कम है।

ज्ञात रहे कि शहीद जनरल क़ासिम सुलेमानी ईरान की सिपाहे पासदारान फोर्स आईआरजीसी की क़ुद्स ब्रिगेड के कमांडर थे और इराक़ी सरकार के आधारिक निमंत्रण पर सीरिया से इराक़ जा रहे थे कि अमेरिका के आतंकवादी सैनिकों ने ड्रोन से बग़दाद के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के क़रीब उन पर हमला करके तीन जनवरी 2020 को उन्हें शहीद कर दिया था। उनके साथ इराक़ी स्वंय सेवी बल हश्दुश्शाबी के डिप्टी कमांडर अबू मेहदी अलमोहन्दिस और अन्य 8 साधी भी शहीद हुए थे। अमेरिका के इस आतंकवादी हमले की पूरी दुनिया में निंदा हुई थी। (RZ)


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